Book Reviews

Part 1: Aahvan – Book Review

  • Author: Saurabh Kudesia
  • Genre: Crime, Thriller & Mystery
  • Paperback: 526 pages
  • Publisher: Notion Press; 1 edition (4 February 2019)
  • Language: Hindi

My Review

इतिहास में ढेरों कहानियां दर्ज हैं। कुछ किस्सों को जड़ मालूम होती है, कुछ बस गुमनामी में रह जाते हैं। और फ़िर आते हैं वो जिनकी विश्वसनीयता झूठ लगती है, जिनका अस्तित्व बौना और प्रमाणता भद्दा मज़ाक।

एक पुरात्तव सत्य की खोज के पीछे गुप्त रूप से लगे रोहन की आकस्मिक मृत्यु विभिन्न घटनाओं को जन्म देती है। एक दुर्घटना में वह अपने पुत्र समेत ईश्वर को प्राप्त हो जाता है। उसके पिता उसके मित्र जयंत को इस जटिल केस को सुलझाने हेतु बुलवाते हैं। और फ़िर शुरू होती है ख़ून और आतंक की बरसात। एक सिलसिला से निकल पड़ता है हत्याओं का, हर बार एक रहस्यमयी तरीके से अंजाम दी गयी निर्मम मौत। एक के एक बाद परतें खुलती हैं, काफी माथापच्ची के सहारे सत्य के किवाड़ खुलते हुए दिखाई पड़ते हैं पर क्या सच तक पहुंचना आसान होगा? क्या विज्ञान और इतिहास के गूढ़ संबंध को, उनकी अबूझि पहेली को हल करना आसान होगा?

किरदार अधिक नहीं हैं और कहानी बेहद रोमांचक। इतना खून खराबा है, इतना अंधेरा, इतने राज़ – पूरा क्राइम पेट्रोल का एपिसोड ही हो गया। वाकई में एक निरंतर गति बनाये रखे लेखक ने एक उचित पटकथा का निर्माण कर दिया है। कहानी पहले पन्ने से ही लुभाती है। किरदारों के बीच के संवाद इतने जीवंत लगते हैं की इतनी लंबी होने के बाद भी किताब में उबाऊपन नहीं उत्पन्न होता। तीव्र गति से कहानी एक अध्याय से दूसरे में प्रवेश लेती है और ये सब बेहद आसानी से लेखक हमारे समक्ष प्रस्तुत करते है। मज़ेदार मजूमदार की जयंत को लेकर चुहलबाजी थोड़ा माहौल को हल्का करती है। अन्यथा तो कहानी में इतना डरावनापन है कि रोंगटे खड़े हो जाएं। खून और मांस के चीथड़ों के वर्णन ने थोड़ा जी तो मिचलाया पर गुत्थी के कौतुक ने बांधे रखा। जिस प्रकार कहानी समकालीन होकर भी महाभारत के काल तक की सैर करवाती है, मज़ा आ गया। आखिरी में जो एक ठूँठ पर लाकर किताब को छोड़ दिया गया है, अब अगले भाग का मुझे इंतज़ार रहेगा।

अगर आप भी खूब खून और गोश्त से भरी रोमांचक कहानी पढ़ने को आतुर ही तो इसे उठाइयेगा। और अगर तब भी ये कारण छोटा लगे तो पांच हमशक्ल लाशों और वसीयत से लेकर इतिहास के गढ़े मुर्दे उखाड़ने के लिए ये किताब पढ़ियेगा।

MY RATING: 4/ 5


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