Book Reviews

30 Times When Your Conscience Needs You / 30 टाइम्स वेन यौर कॉन्श्न्स नीड्स यू | Aarushi Jain

  • Publisher ‏ : ‎ Notion Press; 1st edition (31 October 2021)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 118 pages

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यह दुनिया अजूबों से भरी है। इस तेज़ी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में अपने आप को संयमित रखना थोड़ा कठिन हो जाता है। हम उपभोक्तावादी युग में स्वयं पर नियंत्रण ही नहीं रख पाते। हमें सब कुछ चाहिए। इसके लिए हम दौड़ रहे हैं, भाग रहे हैं। बिना जाने की जाना कहाँ चाहते हैं।

लेखिका आरुषि जैन द्वारा लिखित ’30 टाइम्स वेन यौर कॉन्श्न्स नीड्स यू’ विभिन्न अनुभवों व उनसे प्राप्त सीखों का संग्रह है। यह पुस्तक हमारे जीवन के कई पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए हमें सकरात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करती है। 30 भागों में विभाजित यह पुस्तक मात्र 100 पृष्ठों में पाठकों को जीवन को एक नए ढंग से देखने का अवसर देती है।

याद रखिये – हर पहले अक्षर और पूर्ण विराम के बीच, हमेशा एक अलप विराम होता है। हम नित्य जीवन एक रोबोट की तरह जीते हैं। इस दौड़ में हम खुद को समय देना भूल जाते हैं। हमें सीखना है रुकना, रूककर सोचना और फिर एक्शन लेना। लोगों के प्रति प्रेम व सौहार्द रखना. मौन को धारण करना। मौन की शक्ति को समझना।

साक्षरता हमें डिग्री देती है, परन्तु शिक्षा हमें बेहतर इंसान बनती है। आज हम भले ही जीतने के लिए लड़ते हों, छोटी छोटी बातों को नज़रअंदाज़ करते हों, पर हमें सजावट के चक्कर में सार नहीं खोना चाहिए। मेहनत से घबराना नहीं चाहिए व स्वयं की शक्ति को पहचानकर आगे बढ़ते जाना चाहिए।

लालच, स्वयं के विकास, जीवन की चुनौतियों से लड़ना, कृतज्ञता, प्रेम, सकरात्मक दृष्टिकोण के इर्द गिर्द घूमती यह किताब पाठकों के परिप्रेक्ष्य में निश्चित बदलाव लाने में सहायक होगी। सरल व सुगम लेखन शैली के साथ साथ अनेकों विषयों पर रौशनी डालती यह पुस्तक पाठक वर्ग को अवश्य लुभाएगी।

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